Aug 17, 26
‘एक पाती अलवर के नाम’ | 17.08.2025
आज एक सुखद संयोग है। आज नागपंचमी का पावन पर्व है और आपको यह पाती लिखते हुए मुझे एक वर्ष हो गया है। सावन की पावन बेला में नागपंचमी का पर्व हमें प्रकृति, आस्था और हमारी सनातन संस्कृति के उस अटूट संबंध की याद दिलाता है, जिसमें सृष्टि के प्रत्येक जीव के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का भाव निहित है।
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