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आज एक सुखद संयोग है। आज नागपंचमी का पावन पर्व है और आपको यह पाती लिखते हुए मुझे एक वर्ष हो गया है।
सावन की पावन बेला में नागपंचमी का पर्व हमें प्रकृति, आस्था और हमारी सनातन संस्कृति के उस अटूट संबंध की याद दिलाता है, जिसमें सृष्टि के प्रत्येक जीव के प्रति श्रद्धा और संरक्षण का भाव निहित है। नागपंचमी के इस शुभ अवसर पर आप सभी अलवरवासियों को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएँ। भगवान शिव के प्रिय नागदेवता की आराधना से यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य लेकर आए, यही मेरी कामना है।
सावन केवल भगवान शिव की भक्ति का महीना नहीं, बल्कि हमारी लोकपरंपराओं, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक सद्भाव का भी उत्सव है। सावन में अलवर का सौंदर्य अतुलनीय होता है।
कल यानी 16 अगस्त को मिले विकास के इन उपहारों ने अलवर में एक नया इतिहास रचा है। हम इन सौगातों के साथ अलवर को देश की प्रगति के पटल पर और अधिक निखारने का काम करेंगे।
यह हमारे लोकसभा क्षेत्र का सौभाग्य है कि कल देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी स्वयं अलवर पधारे और सरस डेयरी के ₹200 करोड़ की लागत से बनने वाले नवीन प्लांट का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी के साथ उन्होंने जिले में ₹368.19 करोड़ की लागत के 90 विकास कार्यों का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। यही नहीं, कल अलवर में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय का उद्घाटन भी किया गया।
सरस डेयरी के नवीन प्लांट की क्षमता, जो अभी 3 लाख लीटर प्रतिदिन है, उसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन किया जाएगा। यही नहीं, दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को जहाँ अभी 15 दिन में भुगतान किया जाता है, वहीं आगामी डेढ़ वर्ष में यह भुगतान घटाकर सात दिन, यानी एक सप्ताह, में किया जाएगा।
इन निर्णयों से न केवल पशुपालक समृद्ध होंगे, बल्कि अलवर तथा आसपास के लोगों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण दूध तथा दुग्ध उत्पाद सुनिश्चित हो सकेंगे।
अलवर में कल जिले में ₹83.16 करोड़ की लागत के 42 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं ₹285.04 करोड़ की लागत के 48 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया गया। ये विकास कार्य अलवर के सर्वांगीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ लोगों के जीवन को और अधिक सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कल हुई एक महत्वपूर्ण घोषणा से आप सभी को बहुत खुशी होगी। हमने अलवर स्थित भूगोर तिराहे का नाम बदलकर ‘कप्तान छुट्टन लाल मीणा चौक’ कर दिया है।
कप्तान छुट्टन लाल मीणा अलवर की धरती के ऐसे सपूत थे, जिन्होंने भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ देने के साथ-साथ सामाजिक उत्थान और जनसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे मीणा समाज में शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रसार के लिए निरंतर प्रयासरत रहे तथा वंचित एवं आदिवासी समाज के अधिकारों और विकास की आवाज को मजबूती से उठाया। वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य और बाद में सवाई माधोपुर से लोकसभा सांसद भी रहे।
भूगोर तिराहे का उनके नाम पर नामकरण, उनके योगदान के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, सेवा एवं सामाजिक चेतना से परिचित कराने का एक सार्थक प्रयास है। यह चौक अलवर की धरती के उस गौरवशाली व्यक्तित्व की स्मृति को चिरस्थायी बनाएगा।
जिन योजनाओं का कल लोकार्पण हुआ, उनमें नीकच, रामगढ़ में ₹8 करोड़ की लागत से अल्पसंख्यक बालिका आवासीय विद्यालय का निर्माण, पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत घटा भंवर में 3.19 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर ₹11.17 करोड़, बहुतुकलान में 1.97 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना पर ₹6.90 करोड़ तथा बुचपुरी, जवाली, खेरली पिचनोट, बरखेड़ा, केरवावल, राजपुर, राजपुर छोटा और पालपुर में 2-2 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना पर ₹5.40-₹5.40 करोड़ की लागत के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही अलवर में ₹148.22 करोड़ की अनुमानित लागत से नवीन मेडिकल कॉलेज का निर्माण, हनुमान चौराहे से बगड़ तिराहे तक डिवाइडर पर ₹4.29 करोड़ की लागत से रोड लाइट लगाने का कार्य, रामगढ़ नगर पालिका में ₹9.94 करोड़ की लागत से 25 केएलडी क्षमता के एफएसटीपी का निर्माण तथा अलवर में ₹12.96 करोड़ की लागत से 3 वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के निर्माण का कार्य भी शामिल है।
जिन कार्यों का शिलान्यास किया गया, उनमें अलवर में ₹7.20 करोड़ की लागत से 10 वर्चुअल क्लासरूम, फोरेंसिक लैब एवं अन्य कमरों सहित इंडोर स्कूल का निर्माण, दिल्ली रोड मूंगस्का एवं 200 फीट बाइपास तिजारा रोड पर ₹10 करोड़ की लागत से बरसाती नाला एवं ड्रेनेज निर्माण कार्य, अधिशासी अभियंता तृतीय के योजना क्षेत्र में ₹4 करोड़ की लागत से सड़कों पर पेवर फिनिशर द्वारा डामरीकरण का कार्य, परबैणी स्कूल के खेल मैदान में ₹4.50 करोड़ की लागत से स्टेडियम, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, ट्रैक एवं चारदीवारी का निर्माण,
नया गांव बोलका से धामरेड बालाजी मंदिर, मीनाबास धामपुरा, मालीबास गुर्जरों का बास, बारेटा धामपुरा, डांगरवाड़ा होते हुए दौलान-टहला-राजगढ़ एसएच-25 तक ₹5 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण तथा ग्राम परबैणी से रैणी झांकड़ा, गढ़ी सवाईराम, दानपुर एवं कोडिया तक ₹4 करोड़ की लागत से डामर सड़क निर्माण कार्य शामिल हैं।
विकास की यह यात्रा केवल सड़कों, भवनों और परियोजनाओं के निर्माण की यात्रा नहीं है, बल्कि यह अलवर के भविष्य को और अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, जल संरक्षण, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े ये कार्य आने वाले वर्षों में अलवर के विकास की नई नींव रखेंगे।
मेरी आप सभी अलवरवासियों से यही अपेक्षा और आग्रह है कि हम विकास के इन कार्यों को केवल सरकारी योजनाओं के रूप में न देखें, बल्कि इन्हें अपने क्षेत्र और अपने भविष्य की साझा जिम्मेदारी मानें। हम सब मिलकर अलवर की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सौहार्द को अक्षुण्ण रखते हुए इसे विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएँ।
और आज, नागपंचमी के इस पावन पर्व पर, आइए हम प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का भी संकल्प लें। हमारा अलवर विकास की गति के साथ अपनी हरियाली, जल, वन्यजीव और विरासत को भी सुरक्षित रखे यही सच्चे अर्थों में समृद्ध और विकसित अलवर की पहचान होगी।
आपका अपना
भूपेंद्र यादव