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चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर से पूर्व, माँ दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद के साथ मैं ‘एक पाती अलवर के नाम’ के माध्यम से अपने प्रिय अलवरवासियों से संवाद प्रारंभ कर रहा हूँ। माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि वे आपकी हर मनोकामना पूर्ण करें और सभी का कल्याण करें।
आप सभी इस पाती के माध्यम से हर सप्ताह अलवर लोकसभा क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के स्वयं साक्षी बन रहे हैं। मैंने पहले भी आपके साथ यह साझा किया है कि हर योजना का शिलान्यास, हर शुरू हुई योजना का सफल क्रियान्वयन और इस क्रियान्वयन से अलवर के जनमानस को प्राप्त लाभ मेरे लिए संतोष और सुख के विषय हैं। यही कारण है कि मैं आपसे इन विकास कार्यों की जानकारी हर सप्ताह साझा करता हूँ।
पर आज एक सच और भी साझा करना चाहता हूँ। विकास कार्यों के सुखद समाचार आपसे साझा करने से अधिक खुशी मुझे आपकी प्रतिक्रिया से होती है। व्हाट्सएप, फोन मैसेज, फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम, हर माध्यम से आप अपने सुझाव, प्रशंसा, आशीर्वाद और मतभेद मुझ तक पहुँचाते हैं। एक कुशल लोकतंत्र में संवाद हमेशा परस्पर होता है। यही व्यवस्था एक मजबूत लोकतंत्र की नींव है। इस संवाद को बनाए रखने के लिए आपका धन्यवाद।
मुझे यह जानकारी आपसे साझा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि होंडा कंपनी भारत में अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का निर्माण शुरू करने जा रही है और इसका पहला EV राजस्थान के अलवर स्थित टपूकड़ा संयंत्र में निर्मित किया जाएगा।
इस पहल के तहत होंडा द्वारा किए जा रहे ₹1,200 करोड़ के निवेश से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी तथा अलवर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी का आभार व्यक्त करता हूँ और होंडा को इस निवेश के लिए बधाई देता हूँ। यह अलवर के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित होने वाला कार्य है। आप सभी को इसके लिए बधाई।
एक और बड़ी खबर आपके साथ साझा करना चाहता हूँ। राजस्थान सरकार द्वारा जारी की जाने वाली शहरी स्थानीय निकायो की मासिक रैंकिंग में, 3,00,000 से 10,00,000 तक आबादी वाले शहरों में अलवर प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। यह उपलब्धि शहर में स्वच्छता, बेहतर शहरी प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में हुई निरंतर प्रगति को दर्शाती है। यह सम्मान अलवर के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। हम हर माह इस रैंकिंग में अलवर के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए संकल्पित हैं।
मुझे विश्वास है कि हम सभी के सहयोग से अलवर आगे भी इसी प्रकार विकास और सुशासन की नई ऊँचाइयाँ हासिल करता रहेगा।
जैसा की आप जानते हैं, भिवाड़ी की जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर मैं लगातार प्रयासरत रहा हूँ। अब जल्द ही इन प्रयासों से आए बदलाव आपको दिखने लगेंगे। बीते सप्ताह धारूहेड़ा के पास नेशनल हाईवे 48 पर जलभराव की समस्या के समाधान हेतु भिवाड़ी तिराहे से मसानी बैराज तक नाले के निर्माण के विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के लिए ₹40 लाख की राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह कार्य तीन माह के भीतर पूरा किया जाएगा। इस पूरी परियोजना के क्रियान्वयन के लिए ₹150 करोड़ की राशि पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है।
इस निर्माण कार्य से भिवाड़ी की जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। मुझे पता है कि भिवाड़ी का जलभराव घरों, उद्योगों, दुकानों और गोदामों सभी के लिए एक जटिल समस्या है। हम मिलकर जल्द इस समस्या से उबर सकेंगे और भिवाड़ी, अलवर ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान में औद्योगिक विकास का अग्रणी केंद्र बन सकेगा।
इस सप्ताह का दूसरा बड़ा विकास कार्य शिक्षा से संबंधित है। इसकी जानकारी मैंने अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से आपसे साझा भी की थी। आज मैं इसकी विस्तृत जानकारी देना चाहता हूँ।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट में 85 नए केंद्रीय विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। इनमें से एक केंद्रीय विद्यालय हमारे प्रयासों से राजगढ़ में भी स्वीकृत हुआ है। मुझे अलवर के नन्हें विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ यह जानकारी साझा करते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि इस एकेडमिक ईयर से कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के लिए यह विद्यालय प्रारंभ हो जाएगा।
इस केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए दलालपुरा में 3.77 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जो प्रमुख जिला मार्ग (एमडीआर) से जुड़ी हुई है और माचाड़ी से बाराभरकोल तक जाती है। यह स्थान राजगढ़ रेलवे स्टेशन से मात्र 9 किलोमीटर की दूरी पर है और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ा हुआ है। विद्यालय अभी एक वैकल्पिक स्थान से संचालित होगा और इसकी बिल्डिंग लगभग दो वर्षों में तैयार हो जाएगी।
इलाके के बच्चे इस विद्यालय से लाभान्वित होंगे और यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए यह आवश्यक है कि स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ हों, जैसे एक अच्छी बिल्डिंग, खेल का मैदान और जहाँ आवश्यक हो वहाँ होस्टल भी हों।
स्कूल का निर्माण करते समय इन सभी बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है। किसी भी बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से दूर रखना अन्याय है। अलवर के सभी बच्चों को न्याय मिल सके, इसके लिए मैं पूरी संकल्पशक्ति से कार्यरत हूँ।
आप सभी को पुनः आने वाले पावन नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ।
आपका अपना
भूपेंद्र यादव