संसद डायरी 3 - 02-12-2021

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कल संसद के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन था। कल भी सदन में कई विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा है, लेकिन संतोषजनक यह है कि इस हंगामे के बीच ही इस सत्र में पहली बार प्रश्नकाल पूरा हुआ। प्रश्नकाल में जलशक्ति, नागर विमानन, सड़क परिवहन और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालयों से जुड़े पूरक प्रश्न पूछे गए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री मनसुख मंडाविया द्वारा लोकसभा में ‘द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (संशोधन) विधेयक’ पेश किया गया। साथ ही, कोविड-19 से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में मैंने भी अपने मंत्रालयों से सम्बंधित प्रश्नों का उत्तर दिया। कोविड-19 में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के रोजगार व आजीविका को लेकर सदस्यों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मैंने इस सम्बन्ध में सरकार के क़दमों की जानकारी दी।

दिल्ली-एनसीआर तथा देश के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न वायु प्रदूषण के संकट को लेकर कुछ सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी उत्तर दिया। संसद में जब चर्चा होती है, प्रश्नोत्तर होते हैं, तो उससे बहुत कुछ जानकारियां निकलकर सामने आती हैं। समस्याओं का समाधान मिलता है। मैं आशा करता हूँ कि शीतकालीन सत्र के आगे के दिनों में संसद में स्वस्थ चर्चा व बहस होती रहेगी।