‘एक पाती अलवर के नाम’ | 24.12.2025

24/11/2025

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जैसा की आपको पता है मैं पिछले सप्ताह 30वीं वार्षिक संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कांफ्रेंस ऑफ द पार्टीज) में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ब्राज़ील में था। भारत ने न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई (just climate action) को समर्थन दिया। हमने सभी पक्षों के साथ मिलकर सभी के लिए समावेशी, न्यायसंगत व समान जलवायु महत्वाकांक्षा सुनिश्चित करने की भी प्रतिबद्धता जताई। आपको यह जानकार खुशी होगी पूरे विश्व ने भारत के इस तर्क को माना की विकासशील देशों को अपने नागरिकों की आशाओं एवं आकांक्षाओं को प्राप्त करने से रोका नहीं जाना चाहिए। उन्हें भी न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई करते हुए विकास का अधिकार है।

जहाँ मैं इस सम्मेलन में हुई प्रगति से संतुष्ट रहा, वहीं मुझे अलवर की एक विशेष उपलब्धि की खबर से बहुत प्रसन्नता का अनुभव हुआ। जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) अभियान में बेहतरीन काम करने के लिए अलवर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार सुशासन का एक प्रतीक है जिसके पीछे कड़ी मेहनत और सार्थक बदलाव के लिए संकल्पशक्ति है। अलवर ने प्रभावी संख्या में सरकारी भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन सिस्टम लगाए, पुरानी झीलों, तालाबों और बावड़ियों को पुनर्जीवित किया।

जल शक्ति अभियान के अंतर्गत कुल 30,218 जल संचयन संरचनाओं के निर्माण में विभिन्न विभागों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग (11,000) तथा वाटरशेड विभाग (12,000) द्वारा सर्वाधिक कार्य संपादित किए गए, जिन्होंने मिलकर परियोजना के बड़े हिस्से को पूरा किया। इसके अतिरिक्त, अन्य स्रोतों के माध्यम से 3,320 कार्य, नगर निगम द्वारा 1,600 कार्य तथा RIICO द्वारा 1,021 कार्य पूरे किए गए। UIT (650), वन विभाग (550) और सिंचाई विभाग (77) ने भी इस महत्वपूर्ण अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया।

मैं इस सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए अलवर प्रशासन का अभिनन्दन करता हूँ और पूरे अलवर को हार्दिक बधाई देता हूँ। स्वच्छता, स्वच्छ वायु के बाद जल संरक्षण के क्षेत्र में यह उपलब्धि यह बताती है की अलवर एक नूतन और उज्जवल भविष्य की विकास गाथा पूरे गर्व और आत्मविश्वास से लिख रहा है।

मुझे आपको यह बताते हुए भी खुशी हो रही है कि बीते सप्ताह अलवर के भाखेड़ा एनीकट के लिए भी 3.39 करोड़ की राशि का आवंटन स्वीकृत किया गया है। एनीकट के निर्माण से भाखेड़ा, ढाई पेड़ी, लिवारी तथा आसपास के अन्य गाँवों में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी। इस निर्माण से वर्षा जल संग्रहण से भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। भाखेड़ा एनीकट के निर्माण से ग्राउंड वाटर टेबल बढ़ने से ट्यूबवेल, हैंडपंप एवं कुओं में जल का प्राकृतिक पुनर्भरण (Recharge) होगा, पशु- पक्षी एवं वन्य जीवों हेतु स्वच्छ पेयजल उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय कृषि, पर्यावरण एवं जल-संरक्षण को प्रत्यक्ष रूप से दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

जहाँ हम जल संरक्षण और सिचाई के लिए जल सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं, वहीं अलवर में संस्कृति और वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास कर रहे हैं। इसी श्रृंखला में 23 नवम्बर को मत्स्य उत्सव का भव्य आरम्भ हुआ। मैं आपके साथ कल (25 नवम्बर) को इस उत्सव में उपस्थित रहूँगा।

आपसे अनुरोध है 26 नवम्बर तक चलने वाले इस उत्सव में भाग लें और अलवर की सांस्कृतिक धरोहर का आनंद लें।

 

आपका अपना

भूपेंद्र यादव