एक पाती अलवर के नाम | 18.08.2025

18/08/2025

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कृष्णम वन्दे जगतगुरु!!!

हम सभी ने बीते सप्ताह जन्माष्टमी के त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाया। मैं भी दो दिन 16 और 17 अगस्त आप सभी के बीच अलवर में रहा। जन्माष्टमी आपके साथ मनाने का अनुभव अविस्मरणीय रहा। इन दो दिनों में रामगढ़, राजगढ़ और अलवर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग भी लिया। रामगढ़ में श्री राधा कृष्ण मंदिर परिवार के जन्माष्टमी महोत्सव का कार्यक्रम था और उसके बाद राजगढ़ के भूलेरी गाँव में जाना हुआ।

भगवान श्रीकृष्ण ने हमें ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का जो मार्ग दिखाया वह हर व्यक्ति की निष्काम कर्म की प्रेरणा है। यह व्यक्तिनिर्माण का मूलमंत्र होने के साथ-साथ राष्ट्रनिर्माण का भी मार्ग है। यह भाव संविधान के मूल कर्तव्यों में भी निहित है।

जहाँ अरावली की सुरम्य पहाड़ियों के बीच सावन के इस मौक़े पर प्रकृति अपने हरे रंग में रंगी थी, वहीं अलेवा धाम में प्राचीन तपस्या-स्थली और झरनों के बीच लोगों का उत्साह दिखा। इस अवसर पर श्री 108 बालकदास जी महाराज के दर्शन का सौभाग्य मिला तो आनंद के साथ अध्यात्म की अनुभूति हुई। अरावली की हरी-भरी पहाड़ियों और झरनों के बीच जन्माष्टमी का उत्सव और भी मनोरम लग रहा था। अलेवा धाम में लोगों की भीड़ देखकर यह स्पष्ट था कि यह पर्व प्राचीन सनातन संस्कृति का जीवंत उत्सव है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की विकसित भारत की कल्पना में विरासत और विकास का बराबर स्थान है। हम अलवर लोकसभा में भी आस्था और प्रगति को एक साथ लेकर चल रहे हैं। इसलिए राजगढ़ के भूलेरी गांव में मंदिर निर्माण और सड़क सुधार का काम करने का भी संकल्प एक साथ लिया गया। पुराने राजगढ़ में आने वाले वर्षों के लिए एक सामुदायिक भवन बनाने पर भी चर्चा हुई।

राजगढ़ में मुझे 100 साल पुराने पुस्तकालय में जाने का अवसर मिला। यह पुस्तकालय सिर्फ किताबों का संग्रह नहीं है, बल्कि ज्ञान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र है। यहाँ की सनातन धर्म सभा इसे आज भी जीवंत बनाए हुए है, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का भंडार है।

हमारा अलवर शहर भी ऐतिहासिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। यहाँ का किला, भर्तृहरि गुफाएँ और सिलीसेढ़ झील जैसे स्थल संस्कृति के वाहक हैं। मैं अलवर शहर के श्री राधा कृष्ण मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी धाम और कंपनी बाग में भी कई कार्यक्रमों में आपके साथ जुड़ा, जिससे इस बार की जन्माष्टमी मेरे लिए विशेष रही। इन सभी आयोजनों में भजन और लोकनृत्य से वातावरण और भी भक्तिमय हो गया।

हमारे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि यह है कि किशनगढ़बास में एक कृषि महाविद्यालय का उद्घाटन हुआ। मैंने 17 अगस्त को रामगढ़ के नौगांवा में एक और कृषि महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं अकादमिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर श्री कर्ण नरेंद्र कृषि महाविद्यालय के कुलपति डॉ. बलराज सिंह से भेंट हुई। मैं डॉ. बलराज सिंह जी के कृषि विकास के प्रति उत्साह से प्रभावित हूँ। ये दोनों कॉलेज कृषि और बागवानी जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला सकते हैं। रामगढ़ में कृषि अनुसंधान केंद्र और कॉलेज का एक साथ होना किसानों और शोध में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं दोनों ही के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। यह संस्थान अलवर लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ देश में कृषि को आत्मनिर्भर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

माननीय प्रधानमंत्री जी के लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त के अभिभाषण से हमें स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की प्रेरणा मिली है। हम इसी दिशा में कार्यरत हैं।

खैरथल में व्यापार मंडी, शहरी विकास और परिवहन सुधार के लिए लगातार काम किया जा रहा है। खैरथल स्टेशन का आधुनिकीकरण और दो ट्रेनों के ठहराव का काम किया गया है। भविष्य में इसे दिल्ली के साथ और सुगमता से जोड़ा जाएगा। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि खैरथल की व्यापार मंडी, अनाज मंडी, भविष्य का शहरी नियोजन, औद्योगिक विकास, परिवहन क्षेत्र के विकास में हम अपने साथियों के साथ पूरी मज़बूती से लगे हैं। खैरथल में जिला सत्र न्यायालय के लिए भी जगह की पहचान का कार्य पूरा किया गया है। भर्तृहरि नगर जिला उद्योग क्षेत्र राजस्थान में सबसे बड़ा है। मैं अलवर का सांसद बनने से कहीं पहले भी खैरथल जाता रहा हूँ। इसलिए विगत सप्ताह मैंने खैरथल के व्यापारियों, नेताओं, पत्रकारों तथा अन्य बुद्धिजीवियों से मिलकर भर्तृहरि नगर के विकास को लेकर उनकी आशाओं और आकांक्षाओं पर विस्तृत बातचीत की।

भिवाड़ी, जो देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक है, वहां पानी की समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं। इसके साथ-साथ तिजारा के धार्मिक महत्व को संजोए रखना भी हमारी प्राथमिकता है।

मुण्डावर, किशनगढ़बास और कोटकासिम-नए उभरते हुए कस्बे हैं। इनकी बुनियादी समस्याओं के लिए भी सबके साथ मिलकर काम करना है और खैरथल सबका प्रमुख केंद्र रहने वाला है। हम विकास की कल्पना में सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे और मुझे लगता है, लगातार आप सबके सहयोग के साथ आगे बढ़ेंगे।

मैं आपके साथ एक और महत्वपूर्ण बात साझा करना चाहता हूँ। कल NDA ने श्री सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया।

सौम्य स्वभाव के धनी आदरणीय श्री राधाकृष्णन जी ने सामाजिक सेवा और वंचितों के कल्याण को अपना जीवन समर्पित किया है। मैं उन्हें NDA का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार चुने जाने पर शुभकामनाएँ देता हूँ। कल ही भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष यात्रा के बाद पहली बार भारत लौटे। श्री शुभांशु पर हमें गर्व है।

23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की याद में “राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस” मनाया जाएगा। मैं उस दिन अलवर में अटल टिंकरिंग लैब में जाकर नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से युवाओं से मिलूंगा।

आप सभी इस भेंट के लिए अपने सुझाव मुझसे साझा करें।

भगवान कृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि कर्म ही सबसे बड़ा धर्म है। इसी भावना के साथ, हम सब मिलकर अपने क्षेत्र और राष्ट्र को आगे बढ़ाएंगे।

आपका अपना

भूपेंद्र यादव

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