‘एक पाती अलवर के नाम’ | 15.12.2025

15/12/2025

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आज जब मैं आपको यह पत्र लिख रहा हूँ, राजस्थान के लिए एक बड़ा दिन है। श्री भजनलाल शर्मा जी के कुशल नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने दो वर्ष पूरे किए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकास के विजन को धरातल पर उतारने में राजस्थान सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। यह दो वर्ष प्रदेश के लिए स्वर्णिम रहे हैं। कृषि, उद्योग, शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और स्वच्छता समेत हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मैं श्री भजनलाल जी और राजस्थान सरकार के अधिकारियों के साथ-साथ पूरी राजस्थान की जनता को बधाई देता हूँ।

कल भाजपा परिवार को भी एक नया कार्यकारी अध्यक्ष मिला। श्री नितिन नबीन जी को मेरी ओर से ढेरों बधाई एवं नए दायित्व की मंगलकामनाएं।

अलवर की जनता को यह पाती लिखना मेरे लिए शायद सप्ताह का सबसे सुखद अनुभव है। यह अनुभव तब और भी सुखद होता है जब मैं अलवर की उपलब्धियों को आपसे साझा कर पाता हूँ। अलवर स्थित सिलीसेढ़ जलाशय का रामसर साइट्स के रूप में मान्यता प्राप्त होना हमारे लिए गर्व और हर्ष का विषय है। आपको याद होगा कि जुलाई 2025 में जिम्बाब्वे में वेटलैंड्स कन्वेंशन की महासचिव डॉ. मुसोंडा मुम्बा से मिलकर भारत के रामसर नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की थी। अलवर की प्रतिष्ठित सिलीसेढ़ झील को रामसर स्थलों के नेटवर्क में शामिल किए जाने पर भी उनसे विस्तृत चर्चा हुई। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि वह बैठक सफल रही और अलवर को यह बड़ी सौगात मिली।

इस सुखद समाचार के आने के बाद कई लोगों ने यह जानना चाहा कि रामसर साइट बनने से सिलीसेढ़ जलाशय को क्या लाभ होगा। आज मैं आपको यही जानकारी देने के उद्देश्य से यह पाती लिख रहा हूँ।

संक्षेप में कहूँ तो रामसर साइट का दर्जा प्रकृति, मानव और विकास तीनों के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता से सिलीसेढ़ जलाशय को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है, जिससे उसके संरक्षण का महत्व बढ़ा है। इससे प्रवासी और स्थानीय पक्षियों, जलीय जीवों, वनस्पतियों और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भूजल रीचार्ज, जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण और सूखा प्रबंधन में सिलीसेढ़ की भूमिका मजबूत होगी। मत्स्य पालन, पर्यटन, हस्तशिल्प और अन्य पारंपरिक गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे। सिलीसेढ़ को अब केंद्र व राज्य सरकारों तथा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से संरक्षण के लिए बेहतर योजनाएँ और संसाधन उपलब्ध होंगे। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित होकर यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहेगी।

सिलीसेढ़ आने पर पर्यटकों को 100 से अधिक पक्षी प्रजातियों को देखने का अवसर मिलेगा। 1845 में महाराजा विनय सिंह द्वारा निर्मित सिलीसेढ़ झील अलवर का गौरव है। इसे मिले सम्मान से हम सभी गौरवान्वित हैं।

आप सभी को पता होगा कि कल (14 दिसंबर) को अलवर की आठों विधानसभाओं में कम्युनिटी गेम्स के अंतर्गत क्रिकेट प्रतियोगिताएँ शुरू हो गई हैं। 25 दिसंबर तक सभी विधानसभाओं से एक-एक टीम का चयन हो जाएगा, जिनके बीच मैच जनवरी 2026 में आयोजित होंगे। मैं इन मैचों में सम्मिलित तो नहीं हो पाया, लेकिन आपके चौके-छक्कों, यॉर्कर्स और बेहतरीन कैच के वीडियो मुझ तक पहुँचे हैं। आपका कौशल अभिनंदनीय है।

अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिताएँ 26 दिसंबर से शुरू होंगी। मुझे विश्वास है कि आप सभी जमकर अभ्यास कर रहे होंगे।

जैसा कि आपको पता है, इस वर्ष अलवर सांसद खेल उत्सव का समापन भी अलवर टाइगर मैराथन के साथ होगा। अलवर की पहली अंतरराष्ट्रीय मैराथन से जुड़ी कुछ बड़ी खबरें जल्द ही आपसे साझा करूँगा।

तब तक आप सभी से आग्रह है कि समय मिलने पर सिलीसेढ़ घूमने ज़रूर जाएँ।

आपका अपना

भूपेंद्र यादव