‘एक पाती अलवर के नाम’ | 04.05.2026

04/05/2026

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आज 4 मई देश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। आज जहाँ एक ओर असम में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की ओर अग्रसर है, वहीं पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु में भी पार्टी के प्रदर्शन ने नए विश्वास और संभावनाओं के द्वार खोले हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाने की दिशा में बढ़ रही है। यह जनादेश वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और राजनीतिक हिंसा के विरुद्ध जनता की स्पष्ट आवाज है।

यह परिणाम केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि सुशासन, विकास और सुरक्षा के प्रति लोगों के विश्वास की मुहर है। चहुंमुखी विकास और सुशासन को अलवर में निरंतर गति देना मेरा संकल्प है। इसलिए विकास कार्यों की जानकारी आप सभी के साथ साझा करना मेरे लिए संतोष का विषय है।

इस अविच्छिन्न विकास यात्रा में, हर सप्ताह की तरह इस सप्ताह भी अलवर को अनेक सौगातें मिली हैं।

सबसे पहले, रैणी स्थित परवैणी स्कूल के छात्र-छात्राओं को मैं ढेरों बधाई देता हूँ। विगत सप्ताह इस स्कूल के खेल मैदान में ₹4.50 करोड़ की लागत से एक स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति मिली है। इस स्टेडियम में बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट और ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जिससे अलवर के मेरे युवा साथी अपनी खेल प्रतिभाओं को निखार सकेंगे।

अलवर लोकसभा क्षेत्र में खेलों को लेकर आज जो प्राथमिकता और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, वह वास्तव में अभूतपूर्व है।

बीते सप्ताह, जब मैं आपके बीच अलवर आया, तो मैंने इंदिरा गांधी स्टेडियम में ₹65 लाख की लागत से बने कुश्ती हॉल का उद्घाटन किया। इस कुश्ती हॉल में ओलंपिक स्तर का मैट लगाया गया है, जिससे खिलाड़ियों के चोटिल होने का जोखिम कम होगा। आने वाले समय में इस हॉल का उपयोग जिला, संभाग और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए किया जा सकेगा। यहाँ एक समय में 40 से 50 खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे तथा 100 से 125 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है।

इसी के साथ, मैंने अलवर के बुद्ध विहार में ₹45 लाख की लागत से निर्मित ‘पार्क लाइब्रेरी’ का उद्घाटन भी किया। लगभग 1,250 वर्ग फुट में बनी यह वातानुकूलित लाइब्रेरी अध्ययन के लिए एक उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करती है। मैं प्रशासन को विशेष बधाई देता हूँ कि उन्होंने न केवल पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया है, बल्कि इस पुस्तकालय के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है।

यहाँ 40 हजार लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड जल टैंक बनाया गया है, जो वर्षा जल संचयन के माध्यम से भूजल स्तर बढ़ाने में सहायक होगा।

अलवर के सूर्य नगर में बने ‘दर्शन पार्क’ के लिए भी मैं प्रशासन को बधाई देता हूँ। यहाँ ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा को एक अभिनव रूप में प्रस्तुत किया गया है। दर्शन पार्क में कुल 11 शिल्प (स्कल्पचर) वेस्ट मटेरियल से बनाए गए हैं। हमारा मानना है कि यदि सोच सही हो, तो “कचरा समस्या नहीं, समाधान है।” यह पार्क उसी सोच और समाधान का सजीव प्रतिबिंब है। यहाँ मूसी महारानी की छतरी, बाला किला, फतेह सिंह गुंबद, नीलकंठ मंदिर, भानगढ़ किला, सिटी पैलेस और सिलीसेढ़ पैलेस जैसे प्रमुख स्थलों की कलात्मक प्रतिकृतियाँ बनाई गई हैं। साथ ही, बच्चों को अलवर की वन्यजीव संपदा से परिचित कराने के लिए टाइगर, बारहसिंघा, तेंदुआ और हिरण की प्रतिकृतियाँ भी स्थापित की गई हैं।

मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि समय निकालकर दर्शन पार्क अवश्य देखें।

आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि सरस डेयरी भी अब हमें मुँह मीठा करने के बहाने लगातार दे रही है। अलवर के प्रसिद्ध कलाकंद की बिक्री में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। नवंबर 2025 में 404 किलोग्राम से बढ़कर अप्रैल 2026 में सरस के कलाकंद की बिक्री 3,783 किलोग्राम हो गई है यह 836.4% की उल्लेखनीय वृद्धि है।

यह बढ़ोतरी न केवल स्थानीय स्वाद और परंपरा की लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि हमारे दुग्ध उत्पादकों और श्रमिकों की मेहनत का भी प्रमाण है। बढ़ती मांग से डेयरी से जुड़े परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

अलवर यूँ ही प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, इसी कामना के साथ आज की पाती को यहीं विराम देता हूँ।

 

आपका अपना

भूपेंद्र यादव