‘एक पाती अलवर के नाम’ | 16.02.2026

16/02/2026

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यह पाती आज मैं आपको पश्चिम बंगाल से लिख रहा हूँ और हमेशा की तरह इसे लिखते हुए संतोष का अनुभव कर रहा हूँ। मेरे संतोष का कारण 11 फरवरी को प्रस्तुत किया गया राजस्थान सरकार का बजट 2026-27 है।

किसी भी सरकार का बजट उसकी प्राथमिकताओं, नीतियों और विकास की दिशा का स्पष्ट प्रतिबिंब होता है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी के नेतृत्व में प्रस्तुत राजस्थान सरकार का बजट अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के हर वर्ग, युवाओं के सपने, किसानों की खुशहाली, महिलाओं के सम्मान और गरीबों के कल्याण को और गति देने वाली व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत करता है। यह बजट 'विकसित राजस्थान 2047' की आधारशिला रखते हुए उसे संकल्प से सिद्धि तक ले जाने का रोडमैप है।

अलवर के लिए इस बजट में बहुआयामी विकास योजनाओं की अनेक सौगातें समाहित हैं।

इस बजट में अलवर में 3 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए ₹200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस प्लांट का निर्माण मेरी प्राथमिकताओं में है क्यूंकि इससे अलवर के दुग्ध उत्पादक किसानों, विशेषकर महिलाओं, के जीवन में समृद्दि सुनिश्चित है। इस प्लांट के निर्माण से उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी और बेहतर बाजार मिलेगा। इससे उन्हें उचित मूल्य, समय पर भुगतान और बिचौलियों पर निर्भरता में कमी का लाभ मिलेगा। प्लांट के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जिनमें परिवहन, पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भी अवसर बढ़ेंगे।

इससे अलवर की सरस डेयरी को बढ़ावा मिलेगा और अलवर को डेयरी हब के रूप में विकसित करने में सहायता मिलेगी।

मुझे इस प्लांट के निर्माण की जो सबसे बड़ी बात लगती है, वह यह है कि इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएँ दुग्ध उत्पादन से जुड़ी हैं। संगठित प्रोसेसिंग सुविधा मिलने से स्वयं सहायता समूह और महिला डेयरी समितियाँ सशक्त होंगी। कच्चे दूध के बजाय दही, पनीर, घी, मक्खन जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार होंगे, जिससे राजस्व में वृद्धि और 'सरस डेयरी' ब्रांड की पहचान मजबूत होगी। सरस डेयरी मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे सरस आइस क्रीम पर बल दे रही है। यह प्लांट इन उत्पादों को विकसित करने और बाजार तक पहुँचाने में सहायता करेगा। आधुनिक तकनीक से दूध की गुणवत्ता बनी रहेगी, अपव्यय कम होगा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध होंगे। कुल मिलाकर यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के अंतर्गत आगामी वर्ष में ₹700 करोड़ रुपये के प्रावधान से अलवर के पशुपालक भी लाभान्वित होंगे।

बजट में अलवर में प्याज के लिए उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) स्थापित किए जाने का निर्णय भी बहुत महत्वपूर्ण है।

यह केंद्र फसल की गुणवत्ता, भंडारण और उत्पादन बढ़ाने में सहायता करेगा, जिससे हमारे किसान लाभान्वित होंगे।

भिवाड़ी की जलभराव समस्या का निस्तारण भी मेरी प्राथमिकताओं के केंद्र में है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए मैं लगातार कार्यरत रहा हूँ। इस समस्या से निपटने के लिए बजट की घोषणा का मैं स्वागत करता हूँ। मुझे इस बात की भी खुशी है कि बजट में अलवर शहरी क्षेत्र की जलभराव समस्या के निस्तारण को भी एक समग्र समाधान के रूप में चिन्हित किया गया है। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान मिलने पर आमजन का जीवन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों तथा निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

बजट 2026-27 के अंतर्गत खैरथल तिजारा के मुण्डावर तथा कोटपूतली-बहरोड़ के नीमराना में नए औद्योगिक क्षेत्रों की अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा की गई है।

खैरथल-तिजारा क्षेत्र के लिए बजट में ₹1.65 करोड़ की लागत से जिंदोली घाटी स्थित हनुमान मंदिर तक सड़क निर्माण कार्य का आवंटन किया गया है। वहीं तिजारा में ₹5 करोड़ रुपये की लागत से डाक बंगले का निर्माण किया जाना तय हुआ है। तिजारा और टपूकड़ा में ड्रेनेज और सीवरेज कार्यों की डीपीआर ₹20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र में सलारपुर (तिजारा) में 220 केवी जीएसएस की स्थापना की जाएगी।

रामगढ़ में मिनी सचिवालय, ₹3 करोड़ रुपये की लागत से नौगांवा से एनएच 248 नसवारी चौकी एनएच 45 तक 18.5 किलोमीटर सड़क निर्माण, ₹5 करोड़ की लागत से भर्तृहरि तिराहे पर स्थित पुलिया का जीर्णोद्धार, ₹70 करोड़ की लागत से रेलवे क्रॉसिंग अलवर-बांदीकुई खंड में आरओबी का निर्माण, ₹3 करोड़ रुपये की लागत से राजगढ़ शहर में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण कार्य, अलवर आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल का नया ट्रेड, अलवर पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में आईसीटी लैब की स्थापना, अलवर दक्षिण नवीन वृत्त कार्यालय का सृजन, बुध विहार स्थित पशु चिकित्सालय का प्रथम श्रेणी में अपग्रेडेशन, ₹20 करोड़ की लागत से कुशालगढ़ तिराहे से थैंक्यू बोर्ड वाया भर्तृहरि तक सड़क निर्माण, कठूमर के खोह एवं रामगढ़ के नंगली मेघा में 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशन का निर्माण, गोविंदगढ़ के मालपुर स्थित पशु चिकित्सा उपकेंद्र का पशु चिकित्सालय में अपग्रेडेशन जैसी सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं से अलवर लोकसभा क्षेत्र विकास की नई गाथा लिखने की ओर अग्रसर है।

इस ऐतिहासिक बजट के लिए मैं अलवर की समस्त जनता को विशेष बधाई देता हूँ।

जहाँ एक ओर हम पिछले बजट के आवंटनों से विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल हुए हैं, वहीं इस बजट में भी मेरा प्रयास रहेगा कि यह आवंटन कागजों से आगे बढ़कर जमीन पर उतरे और अलवर के मेरे लोगों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाए।

आपका अपना

भूपेंद्र यादव