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बीते सप्ताह अलवर में खेलों का वार्षिक पर्व आरम्भ हुआ। खो-खो, कबड्डी, कुश्ती, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, एथलेटिक्स और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने के लिए लगभग 35,000 खिलाड़ी 29 से 31 अक्टूबर तक मैदानों में उतरे। मैं स्वयं अलवर सांसद खेल उत्सव (ASKU) में सम्मिलित होने के लिए अलवर, अलवर ग्रामीण, रामगढ़, राजगढ़, मुण्डावर, किशनगढ़बास और तिजारा के मैदानों में मौजूद रहा। आल इंडिया फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री कल्याण चौबे भी मेरे आमंत्रण पर इस खेल पर्व का हिस्सा बने। मैं सभी खिलाड़ियों को इस पत्र के माध्यम से यह बताना चाहता हूँ कि कल्याण चौबे जी, जो खुद एक खिलाड़ी रहे हैं, उन्होंने आपकी प्रतिभाओं को आश्चर्यचकित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें आने से पहले नहीं लगा था कि अलवर के गाँवों में इतनी प्रतिभाएँ मिलेंगी।
यह सुनकर मुझे बहुत गर्व हुआ और इस गर्व की अनुभूति मुझे कराने के लिए मैं आपका अभिनन्दन करता हूँ।
मैदानों पर आपको जिस प्रकार जूझते देखा, कभी गिरते-संभलते तो कभी अपने साथी खिलाड़ियों को संभालते देखा, चोट की परवाह किये बिना अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देते देखा, अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए नारे लगाते देखा, उसे देखकर मैं अलवर के लिए आश्वस्त हूँ। जहाँ का युवा समाज इतना फोकस्ड और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हो, वहाँ विकास की लहर को कोई रोक नहीं सकता ।
आप सभी जानते हैं, 7-9 नवम्बर के बीच सभी विधानसभाओं में बैडमिंटन, बॉक्सिंग और योग की प्रतिस्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी। हज़ारों की संख्या में आपने इन प्रतियोगिताओं के लिए पंजीकरण किया है। मैं सभी प्रतिभागियों को सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएँ देता हूँ। हम 14-15 नवम्बर को अलवर के इंदिरा गाँधी स्टेडियम में सेमीफाइनल्स और फाइनल्स आयोजित कर रहे हैं। मैं इस पत्र के माध्यम से सभी अलवरवासियों को इस खेल के कुंभका आनंद लेने के लिए आमंत्रित करता हूँ।
आपको समाचार पत्रों और मेरे फेसबुक पेज से पता चला होगा कि 29 अक्टूबर को अलवर आने से पहले मैंने दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक में सहभागिता की।
यह बैठक लम्बे समय से बनी हुई एनएच-919 के भिवाड़ी-धरूहेड़ा खंड पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए की गयी। बैठक में इस खंड पर दीर्घकाल से चली आ रही जलभराव की समस्या, औद्योगिक एवं घरेलू अपशिष्ट जल के निस्तारण तथा पर्यावरणीय संतुलन के मुद्दों पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह सहमति बनी कि राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ दोनों शहरों के रिहायशी क्षेत्रों में भी जलभराव की समस्या का स्थायी निवारण किया जाए। इस फैसले से बरसात में जलभराव की स्थिति नहीं बनेगी और धरूहेड़ा तथा भिवाड़ी के बीच पूरे साल निर्बाध यातायात संचालित हो सकेगा। हमने यह भी निर्णय लिया कि दोनों शहर औद्योगिक एवं घरेलू अपशिष्ट जल के उपचार के मुद्दे पर समानांतर रूप से कार्य करेंगे।
मुझे आपको यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि भिवाड़ी प्रशासन द्वारा 34 MLD क्षमता का अत्याधुनिक निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शीघ्र ही चालू किया जाएगा। इस STP से पैदा हुए उपचारित जल को जल संसाधन विभाग के बांधों तक ले जाया जायेगा, जिससे मार्ग में स्थित नगर वन क्षेत्र सिंचाई के लिए पानी का उपयोग कर सकेंगे। इसके साथ ही एक 'वॉटर प्लाज़ा' विकसित करने की योजना भी विचाराधीन है। यह परियोजना प्रदूषित जल की रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करेगी।
इस बैठक में तय किया गया कि धरूहेड़ा में CETP विकसित करने और मौजूदा STP को उन्नत करने की योजना पर काम हो, ताकि उपचारित जल को मसानी बैराज तक भेजा जा सके। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों नगरों का अपशिष्ट जल बिना उपचारित अवस्था में किसी भी प्राकृतिक जलधारा में न छोड़ा जाए। दोनों राज्यों ने तय किया है कि मसानी बैराज से उपचारित जल का उपयोग कृषि सिंचाई, हरित क्षेत्र विकास तथा औद्योगिक प्रयोजनों के लिए किया जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या का समाधान तो होगा ही, साथ ही भविष्य की जल आवश्यकता भी पूरी की जा सकेगी।
मैंने यह बार-बार कहा है कि यह केवल जलनिकासी की समस्या नहीं है, बल्कि यह जल संसाधन प्रबंधन, शहरी विकास और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ा हुआ व्यापक विषय है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सभी एजेंसियों को समन्वित दृष्टिकोण अपनाने को कहा गया है। मैं भिवाड़ी को बैठक के इन परिणामों के लिए बधाई देता हूँ।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम भारत को 2047 के लिए तैयार कर रहे हैं, जब भारत एक विकसित राष्ट्र होगा। इसलिए हमारा प्रयास है कि समस्याओं का समाधान कुछ वर्षों के लिए नहीं, बल्कि स्थायी होना चाहिए। खेलों के आयोजन का भी उद्देश्य राष्ट्र की नींव को मज़बूत करना है। इस मज़बूत नींव में बहुत से मज़बूत स्तम्भ मेरे अलवर के होंगे। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूँ।
अलवर सही राह पर है, इसका एक प्रमाण मुझे 31 अक्टूबर को सुबह अलवर के नेहरू उद्यान में मिला। देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर एक 'यूनिटी मार्च' का आयोजन किया गया। देश के राजनीतिक एकीकरण के सूत्रधार सरदार पटेल की जयंती को पीएम मोदी जी की पहल पर 'नेशनल यूनिटी डे' के रूप में मनाया जाता है। हज़ारों की संख्या में छात्र-छात्राएँ सरदार पटेल के आदर्शों की मशाल को दिलों में लेकर नेहरू उद्यान से विवेकानंद स्मारक तक कदम से कदम मिलाकर चले। मैं इस मार्च का हिस्सा बने सभी प्रतिभागियों का अभिनन्दन करता हूँ।
राष्ट्र प्रथम की भावना सरदार पटेल के हर निर्णय का आधार रही। राष्ट्र प्रथम हम सभी के जीवन का मूलमंत्र बना रहे, यही कामना करता हूँ।
आपका अपना
भूपेंद्र यादव